हरि राखे हरि तारे

September 20th, 2010 by pravinash Leave a reply »

 हरि राखे हरि तारे

 हरि राखे हरि तारे

हरि राखे तो   डर काहेको

काहे तू शोर मचावे

हरि राखे हरि तारे

हरि शरणमे जाके देखो

बाल न होंगे  बांको

हरि राखे हरि तारे

भक्तकी लाज हरिकी चिंता

वो है  पालक जगतका पिता

हरख हरख गुण गावे

हरि राखे हरि तारे

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