jump to navigation

सत्यमेव जयते June 13, 2007

Posted by pravinash in : Uncategorized , 1 comment so far

 सत्यमेव जयते
   असत्यमेव पराजयते
 
   शांतिमेव जिवते 
   अशांतिमेव मृतवते
 
    प्रेममय रमते
    प्रेमहीन खोते

   ज्ञानमेव लभते
   अज्ञानमेव आथडते

   चेतनामेव गति करते
   आलस्यमेव रूकजाते

   रागमेव खुश रहते
   द्वेशमेव दुखी होते
 
   अव्यक्तमेव तैरते
   व्यक्तमेव   डूबते

 Type in